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Mental health: Our biggest challenge and the role of eDishaa

September 04, 2025 0 comments

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में एक अरब से अधिक लोग मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। अवसाद (Depression) और चिंता (Anxiety) जैसे विकार न केवल व्यक्तिगत जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी गहरा असर डालते हैं। हर साल यह स्थितियां दुनिया को लगभग 81 लाख करोड़ रुपये का नुकसान पहुँचा रही हैं।

सबसे गंभीर बात यह है कि मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे समय रहते पहचाने और संभाले नहीं जाते। यही कारण है कि 2021 में आत्महत्या से 7.27 लाख मौतें हुईं, जो युवाओं में मृत्यु का प्रमुख कारण बन चुकी हैं।

क्यों जरूरी है मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना?

  • महिलाएं मानसिक स्वास्थ्य विकारों से अपेक्षाकृत अधिक प्रभावित होती हैं।
  • सरकारों का बजट औसतन केवल 2% ही मानसिक स्वास्थ्य पर खर्च होता है।
  • अमीर देशों में प्रति व्यक्ति मानसिक स्वास्थ्य पर 5400 रुपये खर्च होते हैं, जबकि गरीब देशों में यह केवल 3 रुपये है।
  • केवल 10% देश ही सामुदायिक आधारित देखभाल मॉडल पूरी तरह लागू कर पाए हैं।

इन तथ्यों से यह स्पष्ट है कि मानसिक स्वास्थ्य को अब “सिर्फ बीमारी” नहीं, बल्कि मानव अधिकार और सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में देखा जाना चाहिए।

eDishaa Counseling and Therapy की पहल

eDishaa इस दिशा में एक ठोस कदम है, जहाँ मानसिक स्वास्थ्य को कानूनी, सामाजिक, सांस्कृतिक और मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझा और संभाला जाता है। हमारा उद्देश्य है – “समस्या को संकट बनने से पहले ही संभालना।”

हमारी विशेषताएं:

  1. काउंसलिंग और थेरेपी – अवसाद, चिंता, रिश्तों में तनाव, विवाह संबंधी समस्याएँ, पेरेंट-चाइल्ड संबंधों में सुधार।
  2. आर्ट और स्टोरीटेलिंग थेरेपी – जब शब्द कम पड़ जाते हैं, तब कला बोलती है। eDishaa कला और संस्कृति को थेरेपी का माध्यम बनाकर गहरे भावनात्मक घावों को भरने में मदद करता है।
  3. केस स्टडी आधारित वर्कशॉप्स – वास्तविक जीवन की कहानियों से सीखकर समाधान की ओर बढ़ना।
  4. सामुदायिक दृष्टिकोण – परिवार, समाज और सांस्कृतिक मूल्यों को जोड़कर मानसिक स्वास्थ्य का समग्र समाधान।
  5. लॉ एंड साइकोलॉजी का अनूठा मेल – क्योंकि कई बार मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियाँ कानूनी विवादों से भी जुड़ जाती हैं।

हमारी अपील

WHO प्रमुख डॉ. टेड्रोस की तरह ही eDishaa भी मानता है कि मानसिक स्वास्थ्य हर व्यक्ति का अधिकार है। इसके लिए जरूरी है –

  • समय पर काउंसलिंग और थेरेपी की सुविधा उपलब्ध कराना।
  • स्कूल, कॉलेज और कार्यस्थल पर मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना।
  • समाज में मानसिक समस्याओं को कलंक (stigma) नहीं, बल्कि सामान्य मानवीय स्थिति समझना।

निष्कर्ष

आज मानसिक स्वास्थ्य समस्याएँ एक अरब से अधिक लोगों को प्रभावित कर रही हैं। अगर हम समय रहते कदम नहीं उठाते, तो आने वाली पीढ़ियों का संतुलन बिगड़ सकता है।

eDishaa Counseling and Therapy इस दिशा में कार्यरत है – ताकि हर व्यक्ति को यह विश्वास दिलाया जा सके कि “आप अकेले नहीं हैं, समाधान मौजूद है।”

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