विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में एक अरब से अधिक लोग मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। अवसाद (Depression) और चिंता (Anxiety) जैसे विकार न केवल व्यक्तिगत जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी गहरा असर डालते हैं। हर साल यह स्थितियां दुनिया को लगभग 81 लाख करोड़ रुपये का नुकसान पहुँचा रही हैं।
सबसे गंभीर बात यह है कि मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे समय रहते पहचाने और संभाले नहीं जाते। यही कारण है कि 2021 में आत्महत्या से 7.27 लाख मौतें हुईं, जो युवाओं में मृत्यु का प्रमुख कारण बन चुकी हैं।
इन तथ्यों से यह स्पष्ट है कि मानसिक स्वास्थ्य को अब “सिर्फ बीमारी” नहीं, बल्कि मानव अधिकार और सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में देखा जाना चाहिए।
eDishaa इस दिशा में एक ठोस कदम है, जहाँ मानसिक स्वास्थ्य को कानूनी, सामाजिक, सांस्कृतिक और मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझा और संभाला जाता है। हमारा उद्देश्य है – “समस्या को संकट बनने से पहले ही संभालना।”
WHO प्रमुख डॉ. टेड्रोस की तरह ही eDishaa भी मानता है कि मानसिक स्वास्थ्य हर व्यक्ति का अधिकार है। इसके लिए जरूरी है –
आज मानसिक स्वास्थ्य समस्याएँ एक अरब से अधिक लोगों को प्रभावित कर रही हैं। अगर हम समय रहते कदम नहीं उठाते, तो आने वाली पीढ़ियों का संतुलन बिगड़ सकता है।
eDishaa Counseling and Therapy इस दिशा में कार्यरत है – ताकि हर व्यक्ति को यह विश्वास दिलाया जा सके कि “आप अकेले नहीं हैं, समाधान मौजूद है।”
WHO Depression Anxiety eDishaa Counseling and Therapy eDishaa - eDishaa WHO eDishaa stigma eDishaa Counseling ...
Learn MoreYour email address will not be published. Required fields are marked *